आत्मा मंत्रमुग्ध कर रही है-समुद्र, नौकायन जहाज, महासागरआत्मा मंत्रमुग्ध कर रही है-समुद्र, नौकायन जहाज, महासागर
फूल, प्रकृति, क्षेत्र, गर्मी , वनस्पति-आत्मा गाती हैफूल, प्रकृति, क्षेत्र, गर्मी , वनस्पति-आत्मा गाती है
पानी इतना साफ था कि पेड़ पूरी तरह से उसमें परिलक्षित होता थापानी इतना साफ था कि पेड़ पूरी तरह से उसमें परिलक्षित होता था